Health Tips: डेंगू के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जो ठीक होने के बाद भी नहीं जाते, रिकवर होने के बाद भी रहती हैं ये समस्याएं


Health Tips: हर साल बारिश के मौसम में मच्छरों के बढ़ने से इनसे फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी बहुत अधिक बढ़ जाता है. डेंगू मच्छरों से फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी होती है. इस बीमारी के होने पर मरीज के ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या लगातार कम होती जाती है, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. इसके अलावा इस बीमारी को इसलिए खतरनाक समझा जाता है क्योंकि इससे रिकवर हो जाने के बाद भी इसके कुछ लक्षण आपके शरीर को पर लंबे समय तक परेशान कर सकते हैं.

डेंगू के आम लक्षण इस प्रकार होते हैं- तेज बुखार, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, तेज सिरदर्द, उल्टी और चक्कर आना आदि. डेंगू की गंभीरता को देखते हुए ये लक्षण कम या ज्यादा हो सकते हैं. लेकिन डेंगू से आपका शरीर पूरी तरह रिकवर हो जाने के बाद इसके कुछ लक्षण तो खत्म हो जाते हैं. लेकिन कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जो थोड़े समय तक मरीज को परेशान करते रहते हैं. डेंगू का पूरी तरह से रोकथाम करने के लिए अभी कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है, इसलिए डेंगू के इन लक्षणों को रोकने का भी कोई अन्य उपाय नहीं है, तो आइए आज हम आपको डेंगू के कुछ ऐसे लक्षण बताने जा रहे हैं, जो इसके मरीज को रिकवर होने के बाद भी परेशान कर सकते हैं.

जोड़ों में दर्द की परेशानी होना
डेंगू के मरीज को जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की समस्या तो रहती ही है, साथ ही इसके ठीक हो जाने के बाद भी कुछ वक्त तक जोड़ों का यह दर्द उनको परेशान करता रहता है. उनको ये दर्द अगले कुछ दिनों या कुछ सप्ताह या फिर कई वर्षों तक रह सकता है. विशेषकर ऐसे मरीजों को जिनके शरीर में पहले से ही विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा में कमी होती है, उन्हें इस दर्द का बहुत लंबे समय तक सामना करना पड़ सकता है.

कमजोरी और थकान की समस्या रहना

डेंगू से ठीक हो जाने के बाद भी कुछ लोगों को थकान और कमजोरी की शिकायत रहती है. रिकवरी के बाद भी ज्यादातर लोग विशेषकर हाथों में कमजोरी महसूस करते हैं. इसके अलावा उन्हें बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है, जिसकी वजह से उनके रोजमर्रा के कामों पर प्रभाव पड़ता है.

प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना

डेंगू की चपेट में आने के बाद इंसान के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या सामान्य से बहुत कम हो जाती है, जिसकी रिकवरी धीरे-धीरे ही होती है. ऐसे में रिकवरी होने के बाद उसकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. जिसकी वजह से सावधानी न बरतने पर वह जल्दी-जल्दी बीमारियों की चपेट में आ सकता है. इसलिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में अच्छा खानपान और एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है.

बालों के झड़ने की समस्या

जिन लोगों डेंगू की सीवियर बीमारी हुई होती है, उनको रिकवरी के बाद बाल झड़ने की समस्या शुरू हो जाती है. बालों का झड़ना भी डेंगू का एक साइड इफेक्ट होता है. लेकिन डेंगू से ठीक होने के बाद अगले कुछ महीनों तक आपको बालों के झड़ने की समस्या हो. कई मामलों में तो डेंगू के रोगियों को एलोपेशिया की समस्या भी हो सकती है, जिसकी वजह से मरीज के बाल पैचेज में भी गिरने लगते हैं. ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक होता है.

बेचैनी और चिड़चिड़ापन महसूस होना

डेंगू से ठीक हो चुके लोगों के स्वभाव में अगर अचानक से थोड़े से बदलाव आने लग जाते हैं. इस रोग से ठीक होने के बाद लोगों में बेचैनी और चिड़चिड़ेपन की परेशानी थोड़े वक्त तक बनी रह सकती है.

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