दिन की शुरुआत करें इन योग आसनों के साथ, कमर दर्द से मिलेगा छुटकारा


दिन की शुरुआत अच्‍छी रहे इसके लिए योग (Yoga) और एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल करें. कोरोना (Corona) महामारी के इस समय में घर पर बैठे लोगों के लिए भी अपने शरीर को फिट (Fit) और हेल्दी (Healthy) बनाए रखना बहुत जरूरी है. इसके लिए नियमित रूप से योग का अभ्यास करना चाहिए. हर दिन योग करने से जहां शरीर लचीला बना रहता है, वहीं हाथों पैरों में मजबूती भी आती है. आज के इस फेसबुक लाइव सेशन में कई तरह के योगाभ्‍यास बताए गए. इनमें भद्रासन योग, मरिचियासन और शशकासन जैसे कई योगासन का योगाभ्‍यास सिखाया गया. इससे शरीर का निचला भाग स्‍वस्‍थ रहता है और कमर दर्द जैसी समस्‍याएं नहीं होतीं. इन योग को कम से कम एक घंटा जरूर दें और हर अभ्यास को कम से कम पांच बार जरूर करें. मगर अपने शरीर की क्षमता का पूरा ध्‍यान रखते हुए.

इनसे न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है, बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. घर पर काम करने के दौरान सबसे ज्यादा असर कमर, पीठ, घुटने, रीढ़ की हड्डी और हाथों पर पड़ता है. ऐसे में इन अंगों को आराम देने के लिए ये खास योग बहुत जरूरी हैं.

वृक्षासनइस आसन को करने के लिए सबसे पहले सावधान की मुद्रा में सीधे खड़े हो जाएं. अब अपने दोनों हाथों को जांघों के पास ले आएं. इसके बाद धीरे-धीरे अपने दाएं घुटने को मोड़ते हुए उसे अपनी बाईं जांघ पर रखें. अब धीरे से सांस खींचते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अपने दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं और गहरी सांसें भीतर की ओर खींचते रहें. अब सांसें छोड़ते हुए शरीर को ढीला छोड़ दें और धीरे से हाथों को नीचे की ओर ले आएं. इसके बाद इसी प्रक्रिया को बाएं पैर के साथ भी दोहराएं.
वृक्षासन के फायदे
वृक्षासन पैरों, टखनों, पिंडलियों, घुटनों और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. वृक्षासन ध्यान केंद्रित करने और एकाग्रता का निर्माण करने में भी मददगार होता है. साथ ही इससे दिमाग भी तेज होता है.

मरिचियासन
योग के अंतर्गत आने वाला मरिचियासन कमर के दर्द से छुटकारा दिलाता है. महिला और पुरुष दोनों के लिए ही यह योगासन बहुत फायदेमंद होता है.

इसे करने के लिए अपने दोनों पैरो को आगे की ओर सीधा फैला कर बैठ जाएं. फिर गर्दन और कमर को सीधा रखे. अपने दोनों हाथों को बगल में रखें. अब किसी एक पैर को घुटने की तरफ से मोड़ें. आपके पैर का घुटना आपके सीने से स्पर्श होना चाहिए. इसके बाद अपने हाथों को पीछे की ओर मोड़कर पैर के घुटने को जकड़े रखें.

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ये लोग न करें
जो लोग ब्‍लडप्रेशर की समस्‍या से ग्रस्‍त हैं, वे इस आसन को न करें.
कमर या पीठ में किसी तरह की चोट की स्थिति में भी इस आसन को नहीं करना चाहिए.
इसके अलावा माइग्रेन के मरीज भी इसे करने से पहले उचित सलाह ले लें.

जानू नमन आसन
यह पैरो की मजबूती के लिए बहुत ही अच्छा आसन माना जाता है. जिन लोगों को पैरो में दर्द रहता है, उनके लिए जानू नमन आसन बहुत फायदेमंद होता है. इसे करने के लिए सबसे पहले बैठ जाएं. फिर अपने पैरो को सीधा आगे की और फैला लें. इसके बाद अपने दाएं पैर को घुटने के यहां से मोड़ लें. अब हाथों से अपने जांघों के निचले भाग को पकड़ ले. फिर सांस भरते हुए धीरे धीरे अपने पकड़े हुए पैर को सीधा ऊपर की तरफ सीधा कर लें.
जानू नमन आसन के फायदे
यह आसन मस्तिष्क को शांत करता है और हल्के अवसाद को दूर करने में भी मददगार होता है.
रीढ़, कंधों और कमर को खींचता है.
पाचन में सुधार करता है.
इसे करने से चिंता, थकान आदि से मुक्ति मिलती है.
शशकासन
शशकासन को करते वक्त व्यक्ति की खरगोश जैसी आकृति बन जाती है इसीलिए इसे शशकासन कहते हैं. इसे करने के लिए सबसे पहले बैठ जाएं. अब अपने दोनों हाथों को श्वास भरते हुए ऊपर उठा लें. इसके बाद सामने की ओर झुकते हुए दोनों हाथों को आगे समानांतर फैलाते हुए हथेलियां को जमीन पर टिका दें. इसके बाद अपना माथा भी जमीन पर टिका दें.

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शशकासन के फायदे
यह आसन पेट, कमर और हिप के फैट को कम करके आंत, यकृत और गुर्दों को मजबूती देता है. इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव, क्रोध, चिड़चिड़ापन आदि भी दूर होते हैं. इस आसन को करने से मन भी शांत रहता है. अगर पेट या सिर संबंधी कोई समस्या हो तो इस आसन को न करें.

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